दोस्तों।  ये कहना गलत नहीं होगा की आज के दौर में कुर्सी सर्वप्रथम है, और हर कोई इसे पाने की या इसके करीब रहने का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष अवसर पाने की उम्मीद करता रहता है। कुर्सी सदैव आपके पद को प्रदर्शित करती है, और इसमें बैठने वाले व्यक्ति को एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को निभाना होता है जैसे की अगर कोई सांसद (मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट) है तो उसकी जिम्मेदारी है की वो अपनी लोकसभा को सुचारु रूप से सभी कानूनों का पालन करते हुए शांतिपूर्वक चलाये, ठीक इसी प्रकार अगर कुर्सी किसी मेजिस्ट्रेट की है तो उसे अपने पुरे जिले का ख्याल रखना पड़ता है, कुर्सी की एक खास बात और है की अगर कोई इसके द्वारा दी गयी जिम्मेदारी को निर्वाहन करने में असमर्थ हुआ तो कुर्सी शीघ्र ही उसका  उपरोक्त पद से त्यागपत्र भी निश्चित ही है। अगर आसान शब्द में कहा जाये तो ये कुर्सी ही है जिसकी वजह से हमारे देश और समाज में सब कुछ सही चलता है। इसलिए कुर्सी हम सब के जीवन में काफी महत्वपूर्ण है। आगे इस ब्लॉग में हम यह जानेंगे की कुर्सी का आविष्कार किसने किया (Who invented the first Chair) ?

(कुर्सी का चित्र)

कुर्सी का अविष्कार सर्वप्रथम  प्राचीन मिस्र(Ancient Egypt) में हुआ था।

कुछ उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ऐसा माना जाता है मिस्र में 2680 B.C. पूर्व की खुदाई के वक्त कुछ कुर्सी नुमा अवशेष मिले जिन पर चार टाँगे और बैक रेस्ट जुड़ी हुई थी।  इसलिए ऐसा कहा जाता है की कुर्सी को सबसे पहले प्राचीन मिस्र(Ancient Egypt) के लोगो के द्वारा इस्तेमाल किया जाता था। 

इसी तरह से ग्रीक तथा रोमान देशों में भी पुराने अवशेष की खुदाई के वक्त कुछ कुर्सी नुमा अवशेष मिले परन्तु अवशेष अध्ययन के हिसाब से इन अवशेषो की उम्र प्राचीन मिस्र(Ancient Egypt) में मिले अवशेषों से कम पायी गयी।  इसलिए उपलब्ध जानकारी के अनुसार कुर्सी का सर्वप्रथम आविष्कार प्राचीन मिस्र(Ancient Egypt) में 2680 B.C. पूर्व हुआ था। 

(कुर्सी का चित्र)

कुर्सी का चलन अन्य देशों में कैसे हुआ ?

इतिहास कर्ताओं के हिसाब से पश्चिम देशों(Western Countries) में कुर्सी का व्यापक फैलाव यूनान(Greeks) और रोमन(Romans) देशों से हुआ। चीन(China) में १२वीं (Twelfth Century) में कुर्सी का उपयोग एक आम बात थी। कुर्सी का इंग्लिश pronunciation Chair है। 

आमतौर पर यह कह पाना मुश्किल होगा की भारतवर्ष(India) में कुर्सी की परंपरा कब से शुरू हुई या पहली बार यहाँ पर कुर्सी कैसे पहुंची, परन्तु यह तो  सर्वविदित है की यहाँ पर पुराने राजा - महाराजा सिंघासन(काफी सुसज्जित और सजी हुई कुर्सी) पर बैठ कर अपनी सभाओं का आयोजन किया करते थे तो यह कहा जा सकता है की भारतवर्ष(India) में कुर्सी का चलन राजा - महाराजाओं(प्रथम राजा चंद्र गुप्त मौर्य (321–297 BCE)) के ज़माने से ही था, और लगभग 15वीं या 16वीं  शताब्दी के बीच में लकड़ी की कुर्सी (Chair) का आगमन भारतीय घरों में भी हो चुका था।

अमेरिका(America) में 18वीं शताब्दी के शुरू में ही लगभग हर घर में कुर्सी (Chair) का इस्तेमाल शुरू हो गया था।  हालाँकि यह पुराने तौर तरीको से बनी हुई होती थी। 

और फिर धीरे -धीरे बाकि के देशों में भी कुर्सी (Chair) का विस्तार होता चला गया। 

कुर्सी में औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution)

18वीं शताब्दी(18th Century) - वास्तव में कुर्सी के औद्योगीकरण की शुरुआत 18वीं शताब्दी(18th Century) में इटली(Italy) के चिआवरि(Chiavari) शहर से मानी जाती है जहाँ पर एक गुइसेप्पे गाइतनो डेस्कलज़ी (Guiseppe Gaetano Descalzi) नामक बढ़ई  ने पहला कल्पित (Fancy) और सजीला(Stylish) कुर्सी का ढांचा सन 1807 में बनाया जो की काफी चर्चित हुआ , परन्तु  इस कुर्सी का मूल्य काफी ज्यादा था और यह कुर्सी भारी भी थी जिसके कारन इसका बाज़ारीकरण नहीं हो पाया।  कुछ समय बाद इस कुर्सी के प्रारंभिक ढांचे से प्रभावित होकर मारकिस स्टेफनो रिवारोला(Marquis Stefano Rivarola) जो की इटली(Italy) के चिआवरि(Chiavari) शहर के आर्थिक समाज(Economic Society) के पूर्व अध्यक्ष रह चुके थे, उन्होंने इस बढ़ई(गुइसेप्पे गाइतनो डेस्कलज़ी (Guiseppe Gaetano Descalzi)) को एक फ्रेंच एम्पायर(Empire) स्टाइलिश कुर्शी का ढांचा बनाने  का साधिकार दिया और यह भी निर्देश दिए  कि यह वजन में हलकी और कुर्सी का प्राइस कम होना चाहिए ताकि आम लोग भी इसे इस्तेमाल कर सकें। 

लगभग 10 वर्षों के प्रयासों और काफी सारे बदलाव के बाद इसे सफलता पूर्वक बनाया गया जो कि बाद में गुइसेप्पे गाइतनो डेस्कलज़ी (Guiseppe Gaetano Descalzi) के पुरे जीवन तक काफी प्रसिद्ध और चर्चा में रही। इस कुर्सी का फोटो डिज़ाइन नीचे दिया गया है।

  • आज व्हाइट हाउस और बकिंघम पैलेस सहित कई प्रतिष्ठित स्थानों में चिअवारी कुर्सी का स्थान है। यह एक हल्का अभी तक सुरुचिपूर्ण कुर्सी है जो शादियों, दावतों और पुरस्कार समारोहों के लिए एकदम सही है।
  • नेपोलियन और स्पेन के राजा फर्नांडो के बारे में यह भी कहा जाता है कि उन्होंने ग्रैंड बॉलरूम इवेंट्स के लिए चियावरी कुर्सियों का इस्तेमाल किया था।
  • जॉन एफ कैनेडी और जैकलीन कैनेडी ने सन 1953 में अपनी शादी के जश्न के लिए चियावरी कुर्सियों (Chiavari Chairs Wedding) का इस्तेमाल किया।
  • चिअवारी कुर्सी(Chiavari chairs) को इस तरह से बनाया गया है ताकि हर वर्ग के लोग इसे आसानी से बाजार से खरीद सकें, आमतौर पर इस कुर्सी का रेट (Chiavari Chairs Price) भारत के विभिन्न शहरों में  लगभग रुपये 500 से शुरू होता है और इस कुर्सी की कीमत काफी बड़ी दरों तक उपलब्ध हैं। 

ऐसा कहाँ जाता है कि सन 1840 के दौरान सर चार्ल्स डार्विन(Charles Darwin) ने अकस्मात ही ऑफिस कुर्सी का अविष्कार (Office Chair) किया, क्यों कि वह काफी कर्मठ व्यक्ति थे और अपना ज्यादातर वक्त अपने काम के सिलसिले में बैठकर बिताते थे इसलिए वह कुछ ऐसा चाहते थे जिससे कि काफी देर तक बैठने के बाद भी तकलीफ महसूस ना हो और ज्यादा से ज्यादा काम पर ध्यान दिया जा सके। कुछ समय बाद इसे और आरामदायक बनाने के लिए इसके बेस में छोटे पहियों (wheels) को सलंग्न किया गया। 

10 साल के बाद,  सन 1850 ओटो वॉन बिस्मार्क(Otto Von Bismarck) जो कि Prussia के प्रधानमंत्री थे, उन्होंने सर चार्ल्स डार्विन कि इन ऑफिस कुर्सियों को सरकारी दफ्तरों में सरकारी कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया। 

कुर्सी के प्रकार
रचना के आधार पर कुर्सियों के प्रमुख  (Chairs) प्रकार नीचे दिए गए हैं।  

  • सोफा कुर्सी (Sofa Chair)
  • पार्क बेंच (Park Bench)
  • उपहोल्स्ट्रेड बेंच (Upholstered Bench)
  • आर्म कुर्सी (arm Chair)
  • केंटिलीवर कुर्सी (Cantilever Chair)
  • विंग कुर्सी (Wing Chair)
  • डेक कुर्सी (Deck Chair) 
  • डेस्क कुर्सी (Desk Chair)
  • बार्बर / सैलून कुर्सी (Barber / Salon Chair)
  • ऑपरेटर कुर्सी (Operator Chair)
  • एग्जीक्यूटिव कुर्सी (Executive Chair)
  • गार्डन कुर्सी (Garden Chair)
  • डायरेक्टर कुर्सी (Director Chair )
  • नार्मल अथवा स्टैण्डर्ड कुर्सी (Standard Chair)
  • फोल्डिंग कुर्सी(Folding chair)
  • थ्रोन कुर्सी (Throne Chair)
  • लददेरबाक कुर्सी(Ladderback Chair)
  • स्टूल कुर्सी (Stool Chair)
  • विंडसर कुर्सी (Windsor Chair)
  • पहिया वाली कुर्सी (Wheel Chair)
  • प्रतीक्षा कक्ष कुर्सी (Waiting Room Chair)
  • लकड़ी की बाहरी कक्ष / अडिरोन्डेक कुर्सी अमेरिका (Wooden outdoor / Adirondack Chair (U.S.))
  • विद्यार्थी कुर्सी (Student Chair)
  • भोजन कक्ष कुर्सी (Dining Room Chair)
  • विद्युत चेयर (Electric Chair)

विश्व की शीर्ष 10 कुर्सी निर्माता कंपनियां (Top 10 chair manufacturers in World) 
2019 स्ट्रेट्स रिसर्च(Straits Research) के अनुसार, फर्नीचर के लिए वैश्विक बाजार लगभग 5.3% की सीएजीआर से बढ़ने और वर्ष 2026 तक मूल्य के संदर्भ में 571.69 बिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

1. Ashley Furniture Industries
2. HNI - U.S. based Company
3. IKEA - Furniture Retail Company
4. Steelcase - US company
5. Williams-Sonoma
6. Rooms To Go
7. Herman Miller
8. TJX - U.S. based Company
9. Okamura - Japanese Company
10. 9to5 Seating

भारत की शीर्ष 10 कुर्सी निर्माता कंपनियां (Top 10 chair manufacturers in India) 
2019 की गणना के आधार पर भारतीय फर्नीचर बाजार तकरीबन $1.5 बिलियन का है और आगामी वर्षों में इसके बढ़ने कि पूरी सम्भावना है।

1. Godrej Interio
2. Zuari Furniture
3. Durian
4. Usha Lexus Furniture
5. Damro
6. EVOK
7. IKEA
8. Hulsta
9. Wipro Furniture
10. Nilkamal Ltd

निष्कर्ष (Conclusion)
मुझे उम्मीद है कि आपको मेरा यह लेख "कुर्सी का आविष्कार किसने किया था ?" जरूर पसंद आया होगा। मेरी हमेशा यही कोशिश रहती है कि आपको मेरे इस ब्लॉग (Blog) में दिए गए विषय के सन्दर्भ में पूरी जानकारी मिले और आपको इसको पढ़ने के बाद किसी और वेबसाइट या इंटरनेट पर जाकर फिर से मेहनत न दोहरानी पड़े, इससे आपके समय की तो बचत होगी ही और साथ ही साथ एक ही स्थान पर एक अच्छी जानकारी (Information) भी मिलेगी, फिर भी अगर आपका इस विषय(Article) को लेकर कोई सुझाव है या संदेह(Doubt) है तो मेरी प्रार्थना(Request) है नीचे दिए गए comment  Box में अपना विचार(ideas) जरूर साझा(Share) करें। 


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